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देश में एक बार फिर से EVM मशीन में घपले की खबर को चर्चा में ला दिया है. इस वक्त देश में आमजन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं और इन सबके बीच चुनाव आयोग का ढीलपुल रवैया सवालों के घेरे में आ रह है.

चुनाव आयोग निष्पक्ष जांच कराने की वजय मामले को ढील में डाले हुए हैं इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के चुनाव में ईवीएम में घपले की खबर ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और तमाम विपक्ष पार्टियों ने एक आंदोलन छेड़ दिया था.

इसके अलावा दिल्ली विधानसभा में भी केजरीवाल ने बतौर सबूत ईवीएम हैक का वीडियो जारी किया था. और इस वीडियो में थोड़ी सी देर में ही यह साबित हो गया था कि भी ईवीएम में छेड़खानी की जा सकती है.

कानपूर और मेरठ में सामने आयी कुछ तकनीकी खामियों की वजह से Twitter पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. क्या अब जब खुद ईवीएम आकर छेड़खानी होनी की बात रखेगी तभी चुनाव आयोग जांच कराएगा !.

ट्विटर के अलावा और भी ईवीएम के मुद्दे को Facebook पर काफी उछाला जा रहा है आपको बताते चलें कि ईवीएम मशीनों की विश्वसनीयता वाकई में अब खतरे में है और सभी राजनीतिक दल अब बैलेट पेपर से चुनाव करने की मांग पर जोर देने लगे हैं.

लेकिन फिलहाल चुनाव आयोग इसको करने के मूड में बिलकुल दिखाई नहीं दे रहा

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